Adolf Hitler Biography (History) in Hindi – तानाशाह हिटलर की जीवनी

Adolf Hitler Biography (History) in Hindi – तानाशाह हिटलर की जीवनी  :  कब्रिस्तान में एक नई कब्र के पास बैठकर एक नौजवान लड़का फूट-फूट कर रो रहा था और कब्र को कह रहा था कि मां मुझे छोड़कर क्यों चली गई।  मां की मौत पर कलेजा फाड़ कर रोने वाला यह लड़का आगे चलकर बीसवीं सदी के सबसे खूंखार व्यक्तियों में से एक बना। 
Adolf Hitler Biography (History) in Hindi - तानाशाह हिटलर की जीवनी
Adolf Hitler Biography

Adolf Hitler Biography (History) in Hindi – तानाशाह हिटलर की जीवनी 

Adolf Hitler

Profile
NameAdolf Hitler
Date of Birth20 April 1889
Age56 Year (Death Time)
ProfessionPresident of German
Father’s NameAlois Hitler
Mother’s NameKalara Polzi
NationaltyGerman
Income / YearN/A
HobbiesReading 

जनम और बचपन 

 एडोल्फ हिटलर हिटलर एक ऐसा नाम था जिसे सुनकर ना सिर्फ जर्मनी बल्कि दुनिया कांपती  थी।  आप  शायद  ही जानते  होंगे हिटलर की पैदाइश से पहले इसकी मां ने अबॉर्शन कराने का फैसला लिया था।  तब डॉक्टर ने उन्हें ऐसा करने से मना कर दिया था।  फिर 20 अप्रैल 1889 में ऑस्ट्रिया में हिटलर की पैदाइश हुई हिटलर बचपन में ढंग से पढ़ाई नहीं कर पाया जिसकी वजह से इसे किसी भी तरह की नौकरी नहीं मिली।
 पिता की मौत के बाद 17 साल की उम्र में हिटलर वियना चला गया बयाना में पोस्टकार्ड पर चित्र बनाकर अपना गुजारा करने लगा और वहीं से हिटलर के दिन में साम्यवादियों और यहूदियों के लिए नफरत बढ़ने लगी।  विश्व युद्ध का प्रारंभ हुआ हिटलर फ़ौज में भर्ती हो गया। और फ्रांस की कई लड़ाइयों में उस ने भाग लिया साल 1918 में युद्ध में घायल होने के कारण वह अस्पताल में रहा। 

नाजीदल की स्थापना :

 उसके बाद उसने नाजी दल की स्थापना की इसका उद्देश्य साम्यवादियों और यहूदियों से उसके सारे अधिकार छीन लेने का था नाजी दल के सदस्यों में देशप्रेम कूट कूट कर भरा था।  नाजीदल  ने यहूदियों को प्रथम विश्वयुद्ध की हार के लिए दोषी ठहराया आर्थिक स्थिति खराब होने के कारण जब नाजी दल के नेता हिटलर ने अपने भाषणों में से उसे ठीक करने का आश्वासन दिया तो अनेक जर्मन इस हिटलर का भाषण सुनकर उसके सदस्य बन गए अपने भाषणों की वजह से साल 1922 में एक प्रभावशाली व्यक्ति बना। 

नाजीदल को ताकत में लाना :

समाचार पत्रों के द्वारा हिटलर ने अपने दल के सिद्धांतों का प्रचार जनता में किया भूरे रंग की पोशाक पहने सैनिकों की टुकड़ी तैयार की गई साल 1923 में हिटलर ने जर्मन सरकार को उखाड़ फेंकने का प्रयत्न किया इसमें वह असफल रहा जिस वजह से उसे जेल में कैद कर लिया गया। जेल में बैठे बैठे उस ने मेरा संघर्ष नाम की आत्मकथा लिखी। 
जिस में उस ने नाजीदल  के सिद्धांतों का विवेचन किया।  सन 1933  में जर्मन संसद को नष्ट कर दिया साम्यवादी दल को गैरकानूनी घोषित कर दिया और राष्ट्र को स्वावलंबी बनने के लिए ललकारा।  उनके विरोधियों को जेल में डाल दिया गया कानून बनाने की शक्ति अपने हाथों में ले ली। 
 साल 1934 में उसने खुद को सर्वोच्च न्यायाधीश घोषित कर दिया उसी वर्ष हिंडोन वर्ग की मृत्यु के बाद वह राष्ट्रपति बन बैठा जो पूरी दुनिया के लिए  खतरा बना।  नाजी दल का आंतक का जन जीवन के हर क्षेत्र में छा गया और साल 1935 से 1938 के बीच लाखों यहूदियों की हत्या कर दी गई।  साल 1935 में जर्मनी की सत्ता पर जब अडोल्फ़ हिटलर आया तब उसने वहां एक नक्सलवादी साम्राज्य की स्थापना की।  उसके साम्राज्य में यहूदियों को इंसानी नस्ल का हिस्सा नहीं माना गया यहूदियों के प्रति नफरत का नतीजा नृसिंहार के रूप में बाहर आया।
होलकास्ट  इतिहास का वह नरसंहार था जिसने 6 साल में तकरीबन 60 लाख जाहूदियो की हत्या कर दी गई। इनमें 1500000 तो सिर्फ बच्चे थे।  हिटलर ने साल 1937  में राष्ट्र संघ को छोड़ दिया और अगले युद्ध को ध्यान में रखकर जर्मनी की सैन्य शक्ति बढ़ाना आरंभ कर दिया उसी वर्ष ऑस्ट्रेलिया के नाजी दल ने वहां के संचालन को मार दिया। 
 हिटलर हमेशा मौत के डर के साए में रहता था उसे हर पल यह डर सताता था कि कहीं उसके खाने में उसे जहर ना दे दिया जाए। उसे अपने हर आदमी में से मौत नज़र आती थी।  क्योंकि इंग्लैंड उसे जहर देना चाहता था। 

अडोल्फ हिटलर की मौत : 

हिटलर को अपनी जासूस ओर से इस बात का पता चल गया था कि उसे जहर देकर मारने का प्रयास किया जा सकता है।  मिनट बय  मिनट किताब  में हिटलर ने लिखा था कि मैं और मेरी पत्नी ने समर्पण और मारे जाने की शर्म की बजाए मौत चुनी है।  यह हमारी इच्छा है कि हमारे शवों को तुरंत जला दिया जाएगा।  इसके कुछ देर बाद हिटलर ने अपने साथियों को लंबा भाषण दिया और देर रात प्रेमिका ब्राउन के साथ शादी की रस्में पूरी की। इसके बाद वरिष्ठ अधिकारियों ने चाय पार्टी दी । लेकिन हिटलर का दिमाग युद्ध की लगातार बिगड़ती स्थिति में था। 
शाम  के कुछ 5:00 बजे वह और ब्राउन अपने अपने कमरों में चले गए बाहर रूस की भयानक बमबारी जारी थी रूसी सेना हिटलर के बंकर से कुछ कदमों की दूरी तक पहुंच चुकी थी और उन्होंने उनेह  पूरी तरह से घेर लिया था।   29 अप्रैल 1945 Adolf  Hitler की  मौत हो गई थी।  माना जाता है कि अपनी संभावित हार से हताश होकर उसने खुद को गोली मारी थी जबकि उसकी पत्नी ब्राउन ने जहर खा लिया था।

Adolf Hitler Biography (History) in Hindi – तानाशाह हिटलर की जीवनी 

Some Facts About Hitler

  • ओलंपिक में भारत का मुकाबला जर्मनी से हुआ था जिसमें हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद की वजह से भारत ने जर्मनी को हरा दिया । इस मैच को हिटलर भी देख रहा था और उसने मेजर ध्यानचंद के खेल से प्रभावित होकर अपनी सेना में उच्च पद देने और जर्मनी की तरफ से खेलने की पेशकश की । मगर देशभक्त मेजर ध्यानचंद ने यह पेशकश मुस्कुराते हुए ठुकरा दी।
  • हिटलर सेक्स लाइफ को बढ़ाने के लिए बेल के वीर्य से बने इंजेक्शन का इस्तेमाल करता था ताकि उसकी चौहान गर्लफ्रेंड खुश रह सके शायद आप यह नहीं जानते होंगे कि हिटलर के पास सिर्फ एक ही टेस्टिकल था
  • इतना कत्लेआम मचाने के बाद भी हिटलर शुद्ध रूप से शाकाहारी था इतना ही नहीं उसने पशु क्रूरता के खिलाफ उस ने एक कानून भी बना दिया था और आधुनिक इतिहास में हिटलर वह पहला इंसान था जिसने धूम्रपान विरोधी अभियान का भी आगाज किया परंतु वह खुद बहुत ज्यादा नशे का आदी था।
  • हिटलर की जाति नीति के कारण लगभग 11000000 से अधिक लोगों की मौत हुई थी और दूसरे विश्व युद्ध में लगभग 6 करोड़ से अधिक लोगों ने अपनी जान गवाई थी
  • हिटलर चार्ली चैप्लिन का बहुत बड़ा प्रशंसक था चार्ली चैप्लिन की मूछे उसे भा गई और इसीलिए हिटलर भी उन्हीं की तरह मूछे रखने लगा । हिटलर की मूछों को टूथब्रश मूछे भी कहा जाता है । 

दोस्तों यह Adolf Hitler Biography (History) in Hindi – तानाशाह हिटलर की जीवनी  और उन से जुड़े  कुछ अनसुने तथ्य तो आशा करता हूं कि आपको यह पसंद आए होंगे।

One Comment on “Adolf Hitler Biography (History) in Hindi – तानाशाह हिटलर की जीवनी”

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